ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने 61 वर्षीय मरीज के पेट से निकाला 7 किलो का दुर्लभ ट्यूमर

बुरहानपुर। ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट चिकित्सा विशेषज्ञता का परिचय देते हुए एक बेहद जटिल और संवेदनशील ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने 61 वर्षीय मरीज के पेट से निकाला 7 किलो का दुर्लभ ट्यूमर और बचाई किडनी। अस्पताल की अनुभवी सर्जिकल टीम ने एक 61 वर्षीय बुजुर्ग के पेट से लगभग 7 किलोग्राम वज़न का विशालकाय और दुर्लभ ‘रेट्रोपैरिटोनियल ट्यूमर’ निकालकर उन्हें नया जीवन दिया है। सबसे खास बात यह रही कि डॉक्टरों ने ट्यूमर से घिरे तीन मुख्य अंगों— किडनी, प्लीहा (Spleen) और अग्न्याशय (Pancreas) को पूरी तरह सुरक्षित बचा लिया। मरीज पिछले 4 वर्षों से पेट में बढ़ती हुई एक विशाल गांठ के साथ जीने को मजबूर था। हाल के दिनों में दर्द इतना असहनीय हो गया था कि उनका उठना-बैठना और रोज़मर्रा के सामान्य काम करना भी दूभर हो गया था। परिजनों ने उन्हें ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल में दिखाया, जहाँ डॉक्टरों ने तुरंत मरीज की स्थिति को गंभीरता से लिया। जब मरीज का सीटी स्कैन किया गया, तो रिपोर्ट देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए। मरीज के पेट में करीब 26 × 23 × 20 सेंटीमीटर आकार का एक विशाल ट्यूमर विकसित हो चुका था। इस ट्यूमर का वज़न लगभग 7 किलो था और यह पूरे पेट में फैल चुका था। इसके दबाव के कारण मरीज की आंतें पूरी तरह से दाईं तरफ खिसक गई थीं। यह सर्जरी चिकित्सा विज्ञान के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण थी। इस ट्यूमर ने मरीज की बाईं किडनी को पूरी तरह से अपनी जकड़ में ले लिया था। इसके अलावा यह प्लीहा (Spleen) और अग्न्याशय (Pancreas) से भी बुरी तरह चिपका हुआ था। जरा सी चूक से अंगों को भारी नुकसान पहुँच सकता था। इस मुश्किल परिस्थिति को ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल की अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने एक चुनौती की तरह लिया। घंटों चली इस बेहद जटिल सर्जरी में डॉक्टरों ने सूझबूझ और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया। डॉक्टरों की टीम ने न सिर्फ उस विशालकाय ट्यूमर को शरीर से सफलतापूर्वक बाहर निकाला, बल्कि उससे जकड़े हुए तीनों महत्वपूर्ण अंगों— किडनी, स्प्लीन और पैनक्रियाज को बिना कोई नुकसान पहुँचाए पूरी तरह सुरक्षित बचा लिया। इस सफल और ऐतिहासिक ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में मुख्य रूप से शामिल रहे: डॉ. गौरव सिंह परदेसी (MBBS, MS – जनरल सर्जरी, कंसलटेंट जनरल एवं मिनिमल एक्सेस सर्जरी) और डॉ. दीपक के. भोजवानी (DNB – जनरल सर्जरी, DNB – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, कंसलटेंट ऑन्कोलॉजिस्ट) अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, सफल ऑपरेशन के बाद मरीज अब पूरी तरह स्टेबल (स्थिर) और स्वस्थ है। वह सालों पुराने असहनीय दर्द से पूरी तरह आज़ाद हो चुका है और अपने परिवार के साथ एक खुशहाल जीवन की ओर लौट रहा है। मरीज के परिजनों ने ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल की टीम और डॉक्टरों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।



