खाकी का मानवीय चेहरा बुरहानपुर पुलिस ने रेन बसेरा में बुजुर्गों के साथ बिताया वक्त आदरपूर्वक कराया गया रात्रि भोज

पुलिस अधीक्षक बुरहानपुर की प्रेरणा से कोतवाली थाना प्रभारी ने जाना बेसहारा बुजुर्गों का हाल चाल दिया सुरक्षा का भरोसा।
सुरक्षा और सेवा के अपने संकल्प को दोहराते हुए बुरहानपुर पुलिस का एक बेहद संवेदनशील और मानवीय चेहरा सामने आया है। पुलिस
अधीक्षक बुरहानपुर के विशेष दिशा-निर्देशों पर अमल करते हुए, कोतवाली थाना प्रभारी श्रीमती नीता देयरवाल अपनी टीम के साथ डाकवारी क्षेत्र स्थित रेन बसेरा पहुंचीं। यहाँ उन्होंने रह रहे बेसहारा और जरूरतमंद बुजुर्गों से आत्मीय मुलाकात की, उनका हाल-चाल जाना और उनके साथ वक्त बिताकर सुरक्षा का भरोसा दिया।
बुरहानपुर पुलिस इन दिनों कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के साथ-साथ ‘कम्युनिटी पुलिसिंग’ (सामुदायिक पुलिसिंग) पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी कड़ी में पुलिस टीम अचानक डाकवारी क्षेत्र के रेन बसेरा पहुंची। पुलिस को अपने बीच पाकर शुरुआत में बुजुर्ग अचंभित थे, लेकिन थाना प्रभारी और उनकी टीम ने जिस बेहद विनम्र और आदरपूर्ण तरीके से उनसे बातचीत शुरू की, उसने चंद मिनटों में ही वहां का माहौल बदल दिया।
श्रीमती नीता देयरवाल ने रेन बसेरा में रह रहे प्रत्येक बुजुर्ग महिला और पुरुष के पास जाकर उनके सुख-दुख साझा किए, उनकी स्वास्थ्य संबंधी और अन्य बुनियादी जरूरतों के बारे में पूछताछ की।
रेन बसेरा में बुजुर्गों से बातचीत कर उनका हाल-चाल जानतीं कोतवाली थाना प्रभारी श्रीमती नीता देयरवाल एवं अन्य पुलिसकर्मी रणनीति और मानवीय पहलू इस पूरी मुहिम के पीछे पुलिस का उद्देश्य केवल कानून का पालन कराना नहीं, बल्कि समाज के बुजुर्ग व्यक्ति तक यह संदेश पहुंचाना है कि पुलिस उनकी ढाल है। बुजुर्गों से संवाद स्थापित करने के बाद, पुलिस टीम ने अपने हाथों से सभी बुजुर्गों को बेहद सम्मानजनक तरीके से शाम का ताजा और पौष्टिक भोजन परोसा। पुलिस अधिकारियों को अपने बीच एक रक्षक के साथ-साथ एक परिजन की भूमिका में देखकर कई बुजुर्ग भावुक हो उठे।
इस संवेदनशीलता और तत्परता से भरे कार्य के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने कोतवाली थाना प्रभारी श्रीमती नीता देयरवाल और उनकी पूरी टीम की सराहना की। पुलिस अधीक्षक द्वारा कहा गया कि इस प्रकार के प्रयास पुलिस बल की कार्यप्रणाली में संवेदनशीलता और जवाबदेही को प्रदर्शित करते हैं।
*बुरहानपुर पुलिस का यह कदम यह साबित करता है कि खाकी वर्दी जितनी अपराध और अपराधियों के प्रति सख्त है, उतनी ही समाज के बेसहारा, बुजुर्गों और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशील और समर्पित है। इस पहल से न केवल आम जनता में पुलिस के प्रति सम्मान बढ़ा है, बल्कि नागरिकों का खाकी पर विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। जिला पुलिस भविष्य में भी सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों के प्रति पूरी सजगता से तत्पर रहेगी।



