सुरक्षित मातृत्व, गर्भवती माता / नई बनी माताओं का ,जन्मसिद्ध अधिकार है! डॉक्टर एल.डी.एस. फूंकबाल

बुरहानपुर। 11 अप्रैल राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय बुरहानपुर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान एएनसी ओपीडी में गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियों, पोषण, नियमित जांच एवं मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। *स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रेहाना बोहरा ने गर्भावस्था में एनीमिया, हाई ब्लड प्रेशर, सूजन एवं अन्य जटिलताओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।* *उन्होंने परिजनों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समय पर जांच और देखभाल से जटिलताओं से बचा जा सकता है।*
*डॉ. सरिता द्वारा सुरक्षित प्रसव हेतु संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, तनावमुक्त जीवनशैली और नियमित स्वास्थ्य जांच पर जोर दिया गया।* *वहीं, मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. नयन मालवीय ने गर्भवती महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि तनाव और चिंता से दूर रहना माँ और शिशु दोनों के लिए आवश्यक है।*
*कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. एल.डी.एस. फूंकवाल (डीएचओ-1) ने शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, निःशुल्क जांच, उपचार एवं आर्थिक सहायता की जानकारी देते हुए गर्भवती महिलाओं को इनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।*
*इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों को सुरक्षित मातृत्व के लिए आवश्यक सावधानियों, नियमित जांच के महत्व तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया गया।* **कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य*- *सुरक्षित मातृत्व के लिए जागरूकता बढ़ाना एवं गर्भवती महिलाओं को शारीरिक मानसिक भावनात्मक रूप से सशक्त बनाना एवं मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है!एवं गर्भवती माता को संपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराना है!



