शफी डेवलपर्स’ के नाम पर बड़ा खेल पार्टनर ने ही अपनों को दिया धोखा, बिना बताए बेची फर्म की जमीनें

बुरहानपुर । शहर के रियल एस्टेट कारोबार में उस समय हड़कंप मच गया, जब ‘शफी डेवलपर्स’ के भागीदारों (पार्टनर्स) ने अपने ही एक साथी पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी और विश्वासघात का आरोप लगाया। मामला सिर्फ पैसों के हेरफेर का नहीं, बल्कि बिना जानकारी के फर्म की कीमती जमीनों को गुपचुप तरीके से बेचने और उसकी रकम खुद डकार जाने का आरोप है।
*क्या है पूरा मामला?*
शफी डेवलपर्स एक ऐसी फर्म है जिसे 6 लोगों ने मिलकर बनाया था। इनमें शफी उल्ला शेख, एहसान उल्ला शेख, सरफराज खान, नुसरत खान, इरफान उल्ला और शेख वाजीद उल्ला शामिल हैं। नियम के मुताबिक, 27 अप्रैल 2016 को जो पार्टनरशिप डीड (सहमति पत्र) बनी थी, उसमें साफ लिखा था कि फर्म की हर संपत्ति पर सभी 6 पार्टनर्स का बराबर का हक होगा। कोई भी फैसला सबकी मर्जी के बिना नहीं लिया जाएगा।
शफी डेवलपर्स क़े पार्टनर इरफान उल्लाह पिता कुदरत उल्लाह दूसरा पार्टनर एहसान उल्ला ने आरोप लगाया है कि एक पार्टनर सफीउल्लाह कुदरत उलल्हा फर्म के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए, बाकी 5 पार्टनर्स को अंधेरे में रखा और फर्म की जमीनों का सौदा अपने निजी फायदे के लिए करना शुरू कर दिया।
*जमीनों का गणित और अवैध सौदेबाजी का आरोप*
फर्म ने कड़ी मेहनत और निवेश के साथ ग्राम मोहम्मदपुरा में कीमती जमीनें खरीदी थीं खसरा नंबर 258/2 रकबा 0.41 हैक्टर जिसे 2019 में रजिस्टर्ड सेल डीड के जरिए फर्म के नाम किया गया था। खसरा नंबर 256/2/2 रकबा 0.600 हैक्टर जिसे खेती से बदलकर रहने योग्य आवासीय बनाया गया और वहां कॉलोनी डेवलप की गई खसरा नंबर 258/2/2 रकबा 0.2788 हैक्टर यह जमीन भी फर्म की ही मिल्कियत है।
शफी डेवलपर्स क़े पार्टनर इरफान उल्लाह पिता कुदरत उल्लाह दूसरा पार्टनर एहसान उल्ला ने बताया की धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब पता चला कि 19 जुलाई 2021 को अनावेदक पार्टनर ने अपने व्यक्तिगत नाम से इन जमीनों का सौदा सुंदर नगर निवासी मेघा गिती और अश्विन गिती के साथ कर लिया। ताज्जुब की बात यह है कि इस सौदे की न तो किसी पार्टनर को खबर दी गई और न ही फर्म के खाते में पैसे जमा किए गए। पार्टनरो ने आरोप लगाया है कि सफीउल्लाह कुदरत अल्लाह ने सौदा चिट्ठी’ लिखकर अवैध रूप से मोटी रकम खुद ले ली।
*धोखाधड़ी की कार्यप्रणाली*
शफी डेवलपर्स क़े पार्टनर इरफान उल्लाह पिता कुदरत उल्लाह दूसरा पार्टनर एहसान उल्ला का कहना है कि सफीउल्लाह कुदरत उल्लह पार्टनर ने सिर्फ एक नहीं, बल्कि ऐसे कई गुप्त सौदे किए हैं। वह ग्राहकों को यह विश्वास दिलाता है कि उसे जमीन बेचने का पूरा हक है, जबकि कानूनी तौर पर वह अकेले ऐसा नहीं कर सकता यह सीधे तौर पर चोरी और जालसाजी है। जब फर्म के नाम पर जमीन खरीदी गई थी, तो कोई एक व्यक्ति उसे निजी तौर पर कैसे बेच सकता है? यह न केवल पार्टनर्स के साथ धोखा है, बल्कि उन खरीदारों के साथ भी धोखाधड़ी है जो अपनी मेहनत की कमाई इन विवादित सौदों में लगा रहे हैं।
*आम जनता के लिए जरूरी चेतावनी*
शफी डेवलपर्स क़े पार्टनर इरफान उल्लाह पिता कुदरत उल्लाह दूसरा पार्टनर एहसान उल्ला ने जनता से अपील की है कि कहां की शफी डेवलपर्स किसी भी जमीन या प्लॉट का सौदा तब तक मान्य नहीं होगा, जब तक उस पर सभी 6 पार्टनर्स के हस्ताक्षर न हों।
पार्टनर सफीउल्लाह कुदरत उल्ला द्वारा व्यक्तिगत रूप से की गई किसी भी रसीद, सौदा चिट्ठी या एग्रीमेंट की कानूनी वैधता शून्य है। यदि कोई व्यक्ति एक पार्टनर सफीउल्लाह कुदरत उल्लाह के साथ व्यक्तिगत लेनदेन करता है, तो उसके नुकसान की जिम्मेदारी फर्म की नहीं होगी।
*कानूनी कार्यवाही की मांग*
शफी डेवलपर्स क़े पीड़ित पार्टनर इरफान उल्लाह पिता कुदरत उल्लाह दूसरा पार्टनर एहसान उल्ला ने अब न्याय का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने शनिवार को एसपी कार्यालय और लालबाग थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि एक पार्टनर सफीउल्लाह कुदरत अल्लाह के खिलाफ जालसाजी धोखाधड़ी और आपराधिक षडयंत्र की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए। साथ ही, उन सभी सौदों को रद्द किया जाए जो बिना सबकी सहमति के किए गए हैं।
शहर के प्रॉपर्टी बाजार में इस खुलासे के बाद हड़कंप है। जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में खरीदारों को हमेशा ‘टाइटल क्लियरेंस’ और सभी पार्टनर्स की एनओसी देख लेनी चाहिए, वरना उनकी जमा पूंजी डूब सकती है। यह सूचना समस्त जनता के हित में शफी डेवलपर्स के पीड़ित पार्टनरो द्वारा जारी की गई है। हमारा उद्देश्य फर्म की संपत्ति को बचाना और निर्दोष लोगों को ठगी का शिकार होने से रोकना है।



