माँ वाघेश्वरी ग्रामोदय मेले में गूंजा हास्य का रंग, “महाराष्ट्र हास्य दिंडी” ने बांधा समां, ग्रामीणों व भक्तों की उमड़ी भारी भीड़

बुरहानपुर। आदिशक्ति माँ वाघेश्वरी में की पावन कृपा से ग्राम धामनगांव में आयोजित माँ वाघेश्वरी ग्रामोदय मेला इन दिनों भक्ति, संस्कृति और जनसमागम का केंद्र बना हुआ है। मेले में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का वातावरण व्याप्त है।
इसी क्रम में आयोजित “महाराष्ट्र हास्य दिंडी” कार्यक्रम ने मेले की रौनक को और बढ़ा दिया। इस विशेष प्रस्तुति में प्राध्यापक रूपेश ठाकुर एवं भारूडे रत्न शरद काकडे ने अपनी उत्कृष्ट हास्य कला, व्यंग्य और लोकशैली से उपस्थित ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके चुटीले संवादों और जीवंत प्रस्तुति पर दर्शक देर तक ठहाके लगाते रहे।
कार्यक्रम के दौरान कई रोचक प्रसंगों ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। एक प्रस्तुति में ग्रामीण जीवन की सरलता और बदलती जीवनशैली पर व्यंग्य करते हुए कलाकारों ने ऐसा हास्य प्रस्तुत किया कि पूरा पंडाल तालियों और हंसी से गूंज उठा। वहीं एक अन्य प्रसंग में सामाजिक कुरीतियों और दिखावे पर कटाक्ष करते हुए संदेशपूर्ण प्रस्तुति दी गई, जिसने लोगों को हंसने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर किया।
इसके अलावा परिवार और समाज के रिश्तों पर आधारित संवादों को कलाकारों ने इतनी सहजता से प्रस्तुत किया कि हर दर्शक खुद को उससे जुड़ा हुआ महसूस करता नजर आया। कलाकारों की संवाद अदायगी, चेहरे के हाव-भाव और लोकभाषा के प्रयोग ने कार्यक्रम को और अधिक जीवंत बना दिया। कार्यक्रम में आसपास के गांवों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीणों और भक्तों की उपस्थिति रही। पूरे मेला परिसर में उत्साह, उमंग और हंसी का वातावरण देखने को मिला।
मेला परिसर में एक ओर माँ वाघेश्वरी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की निरंतर भीड़ उमड़ रही है, वहीं दूसरी ओर झूले, दुकानों, खान-पान स्टॉल एवं ग्रामीण उत्पादों की प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के लिए मेले में विशेष आकर्षण मौजूद हैं।


इस अवसर पर मेले की आयोजक एवं क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। उनके मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में मेला भव्यता के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है, जिससे क्षेत्र में सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को नई दिशा मिल रही है।
माँ वाघेश्वरी ग्रामोदय मेला न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक समृद्धि और ग्रामीण विकास का भी सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में भी मेले में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं जनकल्याणकारी गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिनका लाभ बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को मिलेगा।



