बुरहानपुर के कलाकार को वन-शॉट तकनीक से निर्मित भारत की पहली फिल्म 2020 दिल्ली में मिला रोल

बुरहानपुर ।यह एक हिन्दी-भाषा की फीचर फिल्म है जिसे देवेंद्र मालवीय ने निर्देशित एवं लिखा है , पत्रकार वार्ता में पब्लिक लुक को आज जानकारी देते हुए आपने बताया कि मैं बुरहानपुर जिले में जन्मा और मेरी परवरिश इसी भूमि में हुई है, यह मेरी पहली वन शाट फिल्म है इसलिए मैं अपने जन्मभूमि पर आकर सभी का आशीर्वाद चाहता हूं। पुरी फिल्म की शुटिंग इन्दौर में की गई है और इस फिल्म में मध्यप्रदेश के बहुत से कलाकरों ने काम किया है
फिल्म का कथानक राजधानी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए दंगों के पृष्ठभूमि पर आधारित है।
कम-से-कम प्रचार में यह दावा किया गया है कि यह भारत की पहली “वन-शॉट” (single‐take) हिन्दी फीचर फिल्म है — अर्थात् एक निरंतर शॉट में फिल्म बनाई गई है।
कहानी का सार
फिल्म 24 फरवरी 2020 के दिन की घटनाओं को दर्शाती है — उस दिन एक ओर था एक उच्च-स्तरीय अंतरराष्ट्रीय दौरा, और दूसरी ओर राजधानी में फैली हिंसा।
कथानक में आम नागरिकों की जद्दोजहद, साम्प्रदायिक तनाव, राजनीतिक षडयंत्र, तथा घटना के बीच फँसी हुई स्थिति को दिखाया गया है।
फिल्म में विभिन्न पात्रों के दृष्टिकोण से यह दिखाया गया है कि किस तरह अचानक घटना-प्रवाह ने लोगों की ज़िंदगी बदल दी। (विस्तारपूर्ण विवरण अभी कम उपलब्ध है)
निर्देशक Devendra Maalviya ने बताया है कि इस “वन-शॉट” तकनीक में शूटिंग, अभिनय, लाइटिंग, सेट-डिजाइन सब एक साथ चलना पड़ा।
मूल रूप से फिल्म की रिलीज़ तिथि 14 नवंबर 2025 निर्धारित की गई है।
ट्रेलर जनवरी 2025 में जारी हुआ था।
हालांकि कुछ स्रोतों में मई 2025 की तिथि भी देखने को मिली है।
चूंकि विषय संवेदनशील है (साम्प्रदायिक तनाव, दंगे आदि), इसलिए रिलीज़ एवं प्रमाणन (certification) को लेकर चर्चा बनी हुई है।
खास बातें
“वन-शॉट” तकनीक: हिन्दी सिनेमा में कम देखी गई यह तकनीक फिल्म को दृश्यात्मक रूप से अनूठा बनाती है।
समाज-राजनीति पर आधारित विषय: दंगे, राजनीतिक तनाव, नागरिकों की लड़ाई — ये विषय आज के समय में चर्चा में बने हुए हैं।
स्वतंत्र प्रयास: यह मुख्य धारा की बड़ी फिल्म नहीं बल्कि कम बजट/स्वतंत्र प्रोडक्शन जैसी दिखती है, जो साहसिक विषय उठाती है।



